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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाएँ

छात्रावास योजना

अनु०जाति एवं अनु०जनजाति कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के छात्र/छात्राओं के लिये छात्रावास संचालित है। प्रत्येक छात्रावास में एक छात्रावास अधीक्षक भी होते हैं, जिन्हें सरकार द्वारा मानदेय के रुप में अधीक्षक भत्ता दिया जाता है और जिन पर छात्रावास के सुसंचालन का उत्तरदायित्व रहता है।  अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 111 छात्रावासाें का संचालन किया जा रहा है तथा 21 नए छात्रावासाें का निर्माण किया जा रहा है। इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को उपस्कर, रसोइया-सह-सेवक की सेवाएं, रोशनी, बर्तन इत्यादि सुविधाएं सरकारी खर्च पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वार्षिक परीक्षा के लिये परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाती है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल रु0 85 लाख की राशि स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में आवंटित की गई है।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, १९८९

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, १९८९, नियम-१९९५ एवं संशोधित नियम २०१६ पूरे बिहार में लागू है। यह एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसका व्यय ५०:५० के अनुपात में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

(१). प्रधान सचिव, गृह विभाग द्वारा सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इस अधिनियम के तहत् दर्ज काण्डों के शीघ्र निष्पादन के लिए निर्देश दिए गये हैं। साथ ही पुलिस महानिदेशक द्वारा भी सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इस अधिनियम के तहत् दर्ज काण्डों के शीघ्र निष्पादन के लिए निर्देश दिए गये हैं।

(२). राज्य के सभी ४० पुलिस जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए विशेष थानों की स्थापना की गयी है।

(३). दर्ज मामलों के निष्पादन के लिए राज्य के सभी जिलों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का न्यायालय, विशेष न्यायालय के रुप में कार्यरत हैं। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पटना, गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, एवं भागलपुर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम १९८९ के अन्तर्गत लंबित वादों की संख्या के त्वरित निष्पादनार्थ अनन्य विशेष न्यायालय (Exclusive special Court) की स्थापना की स्वीकृति दी गई है।

(४). अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम- १९८९ के अन्तर्गत नियुक्त विशेष लोक अभियोजकों के कार्यों की समय-समय पर संबंधित जिला पदाधिकारी एवं महानिदेशक, अभियोजन द्वारा समीक्षा की जाती है।

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

योजना का मुख्य उद्देष्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वैसे मेधावी छात्र/छात्राओं को अग्रेतर तैयारी हेतु आर्थिक सहयोग दिया जाना है, जो बिहार लोक सेवा आयोग, पटना तथा संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं। संकल्प संख्या-1140 दिनांक- 10.05.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को अग्रेतर तैयारी हेतु एकमुश्त 50,000/- (पचास हजार रू0) तथा संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को एकमुश्त 1,00,000/ -(एक लाख रू0) का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2018 में संघ लोकसेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले 46 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 63वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले 474 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले 1782 अभ्यर्थियों का आॅनलाईन आवेदन पत्र प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

योजना का मुख्य उद्देष्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वैसे मेधावी छात्र/छात्राओं को अग्रेतर तैयारी हेतु आर्थिक सहयोग दिया जाना है, जो बिहार लोक सेवा आयोग, पटना तथा संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं। संकल्प संख्या-1140 दिनांक- 10.05.2018 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को अग्रेतर तैयारी हेतु एकमुश्त 50,000/- (पचास हजार रू0) तथा संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को एकमुश्त 1,00,000/ -(एक लाख रू0) का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2018 में संघ लोकसेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारम्भिक परीक्षा  में उत्तीर्ण होने वाले 46 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 63वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले 474 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले 1782 अभ्यर्थियों का आॅनलाईन आवेदन पत्र प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना

वित्तीय वर्ष २०१८ -१९  में केन्द्र प्रायोजित स्कीम के तहत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत बिहार राज्य के ३४८ ग्रामों में योजना के कार्यान्वयन हेतु  सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या - १६०१५/३७/२०१८- सी० सी०, दिनांक ०७.०३.२०१९ के द्वारा रु० ५२४.०० लाख, दिनांक ०८ .०३.२०१९ के द्वारा रु० २५६८.८०  लाख दिनांक १५.०४.१९ के द्वारा रु० ५२६.४० लाख अर्थात कुल रु० ३६१९.२० लाख (छतीस करोड़ उन्नीस लाख बीस हजार रु०) की राशि विमुक्त की गई है ।

विशेष केन्द्रीय सहायता योजना

इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष राशि उपलब्ध करायी जाती है। इसमें गरीबी रेखा से नीचे के अनु0 जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक विकास हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है।

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना

वर्तमान में छात्रावासों में आवासित होकर अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को काॅट, मैट्रेस, चादर, पठन-पाठन हेतु टेबल-कुर्सी, खाना बनाने हेतु बत्र्तन एवं रसोईया इत्यादि की सुविधा दी जाती है। इसी क्रम में छात्र/छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने एवं समाज के कमजोर वर्ग के छात्र/छात्राओं को उच्च षिक्षा के प्रति जागरूक करने एवं उच्च षिक्षा दर में व्द्धि करने के उद्देष्य एवं छात्रावास संबंधी आवष्यकताओं की पूर्ति के लिए छात्र/छात्राओं को छात्रावास अनुदान दिया जा रहा है। संकल्प संख्या-1141 दिनांक-10.05.2018 द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को प्रति छात्र/छात्रा 1000/- (एक हजार रू0) प्रतिमाह की दर से छात्रावास अनुदान का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मार्च 2019 मे मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत् 3750 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना

प्रवेशिकोत्तर में पढ़ने वाले अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिये योजना, गैर योजना तथा केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत् प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना संचालित है। इस योजना के तहत् मान्यता प्राप्त महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/संस्थान में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप छात्रवृत्ति के तहत अनुरक्षण भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। वर्ष 2018-19 में अनु0 जाति के लिए रु0 6575.00 लाख एवं अनु0 जनजाति के लिए रु0 618.00 लाख की राशि आवंटित की गई है।

 विद्यालय छात्रवृत्ति:

 राज्य के सरकारी, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त, स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में वर्ग-1 से 10 तक में अध्ययनरत सभी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/ छात्राओं को विद्यालय छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वर्ष 2018-19 में योजना मद से अनु0 जाति के लिए रु0 36861.28 लाख एवं अनु0 जनजाति के लिए रु0 8052.72 लाख की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है।

 मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधावृत्ति योजना:

 बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से दसवीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं कों मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधावृत्ति योजना के तहत् रु0 10000.00 (दस हजार रू0) देने की योजना 2008-09 से प्रारंभ की गई है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 से दसवीं की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं को रु0 8000/- की दर से एवं 12 वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्राओं को क्रमशः रु0 15000/- एवं रु0 10000/- प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।वर्ष 2018-19 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से दसवीं की परीक्षा में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं कों मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधा वृत्ति योजना के तहत् अनु0 जाति के लिए रु0 10161.12 लाख एवं अनु0 जनजाति के छात्र/छात्राओं के लिए रु0 1268.44 लाख की राशि आवंटित की गई है।

आवासीय विद्यालय 

 अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के शैक्षणिक उत्थान के लिए राज्य अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग के द्वारा  80  आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है तथा   13  नये आवासीय विद्यालयों के संचालन की स्वीकृति दी गई है। 

 

आवासीय विद्यालयों के छात्र/छात्राओं को दैनिक आवश्यकता यथा भोजन, वस्त्र, दवा इत्यादि तथा विधालय के रखरखाव हेतु राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करायी जाती है। वर्तमान में छात्र/छात्राओं को दी जा रही दैनिक आवश्यकता का दर निम्न प्रकार है:-

क्रमांक

दैनिक आवश्यकता का मद

दर

(राशि रु0 में)

वर्ग 1-5

वर्ग 6-12

1

भोजन

1210/- प्रति माह

1610/- प्रति माह

2

वस्त्र

2100/- वार्षिक

2630/- वार्षिक

3

तेल, साबुन, सोडा

140/- प्रति माह

140/- प्रति माह

4

दवा

120/- प्रति माह

120/- प्रति माह

5

पठन-पाठन सामग्री

1230/- वार्षिक

1540/-वार्षिक

अनुसूचित जाति उप योजना

राज्य योजना/ केन्द्रीय योजना के प्रत्येक प्रक्षेत्र हेतु जो भी भौतिक लक्ष्य निर्धारित है, उसका एक निर्धारित अंश से अनुसूचित जाति के सदस्यों को लाभ पहुँचाया जाता है और उसे अलग किये गये अंश का उपभोग मात्र अनुसूचित जाति के सदस्यों के कल्याण पर ही किया जाता है।

इसके लिये सामान्य विकास प्रक्षेत्रों में ऐसे ही योजनाओं का चयन किया जाता है, जो अनुसूचित जातियों के लिए लाभकारी हो। अनुसूचित जाति उप योजना का लक्ष्य अनुसूचित जातियों के परिवारों को हर दृष्टि से कुशल एवं दक्ष बनाना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और वे गरीबी रेखा से उपर उठ सके। अनुसूचित जाति उप योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य के विकास से संबंधित विभागों द्वारा राशि कर्णांकित की जाती है और उनके द्वारा ही अनुसूचित जाति के परिवारों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से विशेष अंगीभूत योजना का कार्यान्वयन किया जाता है।

इस योजना के तहत् राज्य के अनुसूचित जाति के जनसंख्या प्रतिशत के अनुपात में राज्य योजना से राशि कर्णांकित करने का प्रावधान है।

खाद्यान्न आपूर्ति योजना

अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग के संकल्प संख्या-1143 दिनांक-10.05.2018 के द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों में आवासित छात्र/छात्राओं को प्रतिमाह 15 किलोग्राम की दर से खाद्यान्न (9 किलोग्राम चावल तथा 6 किलोग्राम गेहूँ) की आपूर्ति की स्वीकृति दी गई है।

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Updated on 2021-04-09 | Viewd 16364 Times

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